दोहरी-पथ विश्लेषण

हर बड़ा फ़ैसला वास्तव में एक साथ दो बार लिया जाता है: एक बार तर्कसंगत हिस्से द्वारा जो वास्तविक लाभ-हानि को तौलता है, और एक बार अवचेतन हिस्से द्वारा जो जानी-पहचानी मानसिक लीक पर प्रतिक्रिया करता है। चार्ली मंगर इसे "दोहरी-पथ विश्लेषण" कहते थे — और दूसरे पथ को नज़रअंदाज़ करना मानवीय सोच की सबसे सामान्य गलती मानते थे।

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