रीफ्रेमिंग: भावना बदलने के लिए नज़रिया बदलना

अंधेरे में पीछे से आती कदमों की आहट दो अलग-अलग लोगों में बिलकुल अलग भावनाएँ जगाती है — किसी को कुछ महसूस नहीं होता, तो किसी की रूह काँप उठती है। घटना एक जैसी होने पर भी भावनाएँ उलट क्यों होती हैं? क्योंकि दिमाग घटना पर नहीं, बल्कि उसे दिए गए अर्थ पर प्रतिक्रिया करता है।

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