प्रगति और पतन

8वीं से 13वीं शताब्दी तक, इस्लामी दुनिया विज्ञान, दर्शन और कला में मानवता की अगुआ थी। फिर 14वीं शताब्दी से वह दीपक धीरे-धीरे मद्धिम पड़ने लगा। इतिहास किसी सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता — यह एक लहर की तरह ऊपर-नीचे होता है, और इस लय को समझ लेना आपके अपने पतन को देखने के नज़रिये को बदल सकता है।

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